खबर

ईओडब्ल्यू ने सीएमओ और अन्य अधिकारियों को दिया नोटिस सांवेर में सरकारी जमीन हड़पने का मामला

<p><strong>खुलासा फर्स्ट, इंदौर</strong><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans-serif; font-style: normal; font-variant-ligatures: normal; fon

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 1:05 pm
126 views
शेयर करें:
ईओडब्ल्यू ने सीएमओ और अन्य अधिकारियों को दिया नोटिस: सांवेर में सरकारी जमीन हड़पने का मामला

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
सांवेर के सरकारी जमीन को निजी व्यक्ति के नाम कर हड़पे जाने के बहुचर्चित मामले में ईओडब्ल्यू ने सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किए है। खुलासा खुलासा फर्स्ट ने किया था जिसके बाद काफी प्रशासनिक हलचल रही।

सांवेर के दयानंद मार्ग निवासी भारतसिंह पिता रामचंद्र ने सप्रमाण शिकायत की है वार्ड 2 के प्लॉट क्र. 1, जिसके पूर्व में श्यामलाल का मकान, पश्चिम में आरती भाटी का प्लॉट, उत्तर में नाला और दक्षिण में रास्ता है, के नामांतरण में सीएमओ परागी गोयल ने जमकर खेल किए। ये प्लॉट क्षेत्रीय पार्षद, जो नगर परिषद के उपाध्यक्ष भी हैं, जितेंद्र राठौर के भाई संजय राठौर के नाम कर दिया गया।

सरकारी जमीन की रजिस्ट्रियां हो गई और आश्चर्य है इन रजिस्ट्रियों में दो 2024 और दो 2025 में हुई। पहली रजिस्ट्री के 10 मिनट बाद ही दूसरी हुई है। इसकी क्र. 1004415074 आईडी है। ये रजिस्ट्रियां नगर परिषद की एनओसी पर हुई हैं। नगर परिषद अध्यक्ष संदीप चंगेरिया की भूमिका भी संदिग्ध है।

क्रेता-विक्रेता का अजीब गड़बड़झाला
शिकायत में कहा गया है 23 मई को सूचना के अधिकार में मिली जानकारी में बताया गया क्रेता का नामांतरण न होने से नामांतरण आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध नहीं है। गड़बड़ी का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि सीएमओ द्वारा जारी संपत्ति प्रमाण-पत्र के माध्यम से एक ही दस्तावेज में विक्रेता दूसरे दस्तावेज में क्रेता बन गया और दो दस्तावेज ऐसे पंजीकृत हुए हैं, जिसमें क्रेता-विक्रेता द्वारा एक दूसरे को पंजीकृत दस्तावेज निष्पादित कर दिए गए। गड़बड़ी तो ये भी है सारे दस्तावेज एक ही सर्विस प्रोवाइडर ने तैयार किए हैं।

जाहिर है चारों दस्तावेज (रजिस्ट्रियां) एक ही प्लॉट की हैं, जो सरकारी है, जिसे नगर परिषद उपाध्यक्ष जितेंद्र राठौर के भाई संजय को बेचने के लिहाज से तैयार किया गया है। उन्होंने मामले में सीएमओ समेत उपाध्यक्ष, उनके भाई और अन्य लोगों को आरोपी बनाने और सरकारी जमीन को तुरंत मुक्त कराने का आग्रह किया था। भरतसिंह ने बताया उन्होंने मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू में की थी जिस पर उप निरीक्षक जांचकर्ता बबीता जादौन ने आरोपी अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!