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गृह मंत्री के दौरे के लिए बनी सड़क दो दिन में उखड़ी जिम्मेदार अधिकारी चुप; गुणवत्ता पर उठे सवाल

<p><strong>खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।</strong><br>केंद्रीय गृह मंत्री के हालिया दौरे को लेकर बनाई गई सड़क अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। सूर्य नमस्कार चौराहे से आकाशवाणी तक बनाई गई यह वीआईपी रोड,

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 7:35 पूर्वाह्न
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गृह मंत्री के दौरे के लिए बनी सड़क दो दिन में उखड़ी: जिम्मेदार अधिकारी चुप; गुणवत्ता पर उठे सवाल

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
केंद्रीय गृह मंत्री के हालिया दौरे को लेकर बनाई गई सड़क अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। सूर्य नमस्कार चौराहे से आकाशवाणी तक बनाई गई यह वीआईपी रोड, मंत्री के लौटने के महज दो दिन बाद ही कई जगहों से उखड़ गई है, जिससे नगरीय प्रशासन और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं।

दो दिन में ही टूटी सड़क
बता दें कि, यह सड़क अमित शाह के ग्वालियर आगमन से ठीक दो दिन पहले आनन-फानन में तैयार की गई थी, क्योंकि यही मार्ग उनके काफिले का हिस्सा था। नगरीय प्रशासन ने जल्दबाजी में सड़क निर्माण के साथ-साथ डिवाइडर की रंगाई-पुताई भी करवाई, ताकि सब कुछ वीआईपी विजिट के अनुरूप दिख सके।

सड़क की परतें उखड़ने लगी
लेकिन दौरा समाप्त होने के तुरंत बाद ही सड़क की परतें उखड़ने लगी। कई स्थानों पर गिट्टियां बाहर आ गईं और डामर पूरी तरह से खराब नजर आने लगा है।

जिम्मेदार अधिकारी चुप
हैरानी की बात यह है कि सड़क के निर्माण से जुड़े किसी भी विभागीय अधिकारी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह काम किस एजेंसी ने किया और गुणवत्ता की जांच कैसे की गई। नगरीय प्रशासन की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

वीआईपी रूट चमका
ऐसी ही तस्वीर वार्ड नंबर 34 के कमल सिंह के बाग इलाके में भी देखने को मिली। यहां भी केवल उतनी ही सड़क बनाई गई, जहां से केंद्रीय गृहमंत्री का काफिला गुजरना था। बाकी इलाकों की सड़कें आज भी गड्ढों और टूट-फूट का शिकार हैं।

दरअसल, अमित शाह को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक निवास जाना था। इसी कारण वर्षों से जर्जर पड़ी सड़कों में से सिर्फ वीआईपी मार्ग की मरम्मत कराई गई।

स्थानीय लोगों का आरोप
अटल जी के निवास से कुछ ही दूरी पर स्थित अन्य सड़कें आज भी बदहाल स्थिति में हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब उन्होंने ठेकेदार से बाकी सड़कों के निर्माण को लेकर सवाल किया, तो उन्हें जवाब मिला कि “उन सड़कों का काम किसी दूसरी एजेंसी के जिम्मे है।

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