कुछ घंटे पहले पुलिस ने दी थी जमानत, हत्या का दोषी कौन?
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Khulasa First
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह जो हुआ उसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चरित्र शंका के नाम पर हैवान बने पति ने अपनी पत्नी की चाकू मारकर नृशंस हत्या कर दी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी को कुछ घंटे पहले ही पुलिस ने धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया था और बाद में जेल भेजने के बजाय छोड़ दिया। घर पहुंचते ही आरोपी ने जो किया उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया।
आरोपी संजय चौहान ने पहले अपनी पत्नी सुमन चौहान (36) पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मां की चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने आई 14 वर्षीय मासूम बेटी पर भी उसने जानलेवा हमला कर दिया। खून से लथपथ बच्ची जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोपी को कुछ घंटे पहले ही गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया जाता तो क्या यह हत्या टल नहीं सकती थी? कानून की ढील और तात्कालिक निर्णय ने एक महिला की जान ले ली और एक मासूम को मौत के मुंह में धकेल दिया।
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद लसूड़िया थाने पहुंचा और पुलिस से कहा मैंने अपनी बीवी का मर्डर कर दिया है। पुलिस भले ही इसे सरेंडर बताए, लेकिन हकीकत यह है कि अपराध हो जाने के बाद का यह आत्म समर्पण किसी की जान वापस नहीं ला सकता।
बेटी का अस्पताल में इलाज जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल बेटी को बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर भी तमाचा है, जहां एक संभावित हत्यारे को समय रहते जेल की सलाखों के पीछे नहीं डाला गया। नतीजा एक और औरत की अर्थी और एक मासूम का छिनता बचपन। अब देखना यह है कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेता है।
मां को बचाने दौड़ी बेटी पर भी कर दिया हमला: एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया कि वारदात स्कीम नंबर-78 के पास स्थित झुग्गी बस्ती में हुई। आरोपी संजय चौहान का अपनी पत्नी सुमन चौहान (36) से चरित्र शंका को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
शनिवार सुबह विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और संजय ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर सुमन की मौके पर ही हत्या कर दी। चीख-पुकार सुनकर 14 वर्षीय बेटी बीच-बचाव के लिए दौड़ी, लेकिन आरोपी ने मासूम पर भी चाकू से हमला कर दिया। खून से लथपथ बच्ची वहीं गिर पड़ी, जबकि मां की मौके पर ही मौत हो गई।
दोनों की थी दूसरी शादी, अविश्वास ने उजाड़ दिया परिवार: एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि संजय की पहली पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि सुमन की भी यह दूसरी शादी थी। आपसी अविश्वास और चरित्र शंका के चलते घर में लगातार तनाव बना रहता था। आरोपी मजदूरी करता है।
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