बीआरटीएस हादसों का हॉट स्पॉट, ट्रैफिक सिग्नल में घुसी बस
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Khulasa First
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बीआरटीएस हटाने के नाम पर नगर निगम की लापरवाही साफ दिखने लगी है। आधी-अधूरी रेलिंगे, बीच सड़क पर खड़े ट्रैफिक सिग्नल और बिना किसी वैकल्पिक संकेतक के छोड़े गए चौराहे हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। यह लापरवाही शनिवार सुबह विजय नगर चौराहे पर बड़ा हादसा बनकर सामने आई, जिसमें अशोक ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस सीधे ट्रैफिक सिग्नल से जा टकराई।
शनिवार सुबह करीब 5.30 बजे विजय नगर चौराहे पर इसी अव्यवस्था ने बड़ा हादसा करा दिया। अशोक ट्रेवल्स की एसी स्लीपर (एमपी 14 जेडएफ 9954) उदयपुर से भोपाल रसोमा चौराहे से विजय नगर की ओर आ रही थी। बीआरटीएस हटने के बाद सड़क चौड़ी हो चुकी है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल वहीं है।
बस चालक को अंदाजा नहीं हो पाया और बस सीधे सिग्नल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चौराहे पर लगा ट्रैफिक सिग्नल टूटकर चकनाचूर हो गया। धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, देखा तो बस सिग्नल में घुसी हुई है। गनीमत रही कि बस की रफ्तार ज्यादा नहीं थी, वरना जानलेवा हादसा हो सकता था।
कई जगह रेलिंग आधी तोड़कर छोड़ दी... बस चालक प्रतापसिंह चौहान ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बीच सड़क सिग्नल नहीं होता तो यह हादसा नहीं होता। बीआरटीएस तो आधा-अधूरा हटा दिया गया, लेकिन सिग्नल वहीं रह गया, यही दुर्घटना की वजह बना। बस में सवार 26 यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा।
लोगों का कहना है यदि समय रहते नगर निगम ने सिग्नल हटाकर नया ट्रैफिक प्लान लागू किया होता तो हादसा नहीं होता। बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने के बाद नगर निगम ने कई जगहों पर रेलिंग आधी-अधूरी तोड़कर छोड़ दी है। कहीं सिग्नल खुले में खड़े हैं तो कहीं रोटरी या संकेतक लगाए बिना ही सड़क चौड़ी कर दी गई है। इससे वाहन चालकों को अंदाजा ही नहीं लग पा रहा और हादसे हो रहे हैं।
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