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यातायात और साइबर ठगी से सुरक्षा सिखाने मैनिट में बनेगा शोध केंद्र अब स्मार्ट बनेगी मप्र पुलिस

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Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 7:34 पूर्वाह्न
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यातायात और साइबर ठगी से सुरक्षा सिखाने मैनिट में बनेगा शोध केंद्र: अब स्मार्ट बनेगी मप्र पुलिस

खुलासा फर्स्ट, भोपाल
मप्र पुलिस को आधुनिक, तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल हुई है।

मप्र पुलिस और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत मैनिट परिसर में ‘सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ (सेंटर आफ एक्सीलेंस फार पब्लिक सेफ्टी) स्थापित किया जाएगा, जहां यातायात प्रबंधन, साइबर अपराध, डिजिटल जांच, भीड़ नियंत्रण और स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़े शोध व प्रशिक्षण कार्य होंगे।

यह घोषणा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मैनिट में आयोजित वैश्विक पूर्व छात्र सम्मेलन–2025 के दौरान की। श्री मकवाणा स्वयं मैनिट के 1986 बैच के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने इस अवसर पर संस्थान के साथ अपने जुड़ाव को साझा किया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल एक शोध संस्थान नहीं, बल्कि पुलिस और शैक्षणिक जगत के बीच सेतु का कार्य करेगा।

यहां स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फारेंसिक, डाटा विश्लेषण, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण जैसे विषयों पर अनुसंधान और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा, क्योंकि अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी होगी।

डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2026 में सड़क सुरक्षा मप्र पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। मैनिट के सिविल और सड़क अभियांत्रिकी विशेषज्ञ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वैज्ञानिक समाधान विकसित करेंगे। इसके साथ ही सिंहस्थ-2028 जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए यह केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।

साइबर ठगी पर कसेगा शिकंजा: उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए शुरू की गई ई-शून्य प्राथमिकी व्यवस्था के माध्यम से एक लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की शिकायतें स्वतः प्राथमिकी में बदली जा सकेंगी। इससे पीड़ितों को तत्काल राहत मिलेगी और अपराधियों पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी।

राष्ट्रीय स्तर पर बनेगा माडल: डीजीपी ने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भौगोलिक सूचना प्रणाली, ड्रोन तकनीक और उन्नत डाटा विश्लेषण के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और भरोसेमंद बनाएगा।

यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय माडल बनेगी। कार्यक्रम में मैनिट के निदेशक प्रो. करुणेश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ पूर्व छात्र, शिक्षाविद और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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