हेमंत की संवेदनशीलता ने जीता भाजपा परिवार का दिल चौरसिया के निधन से संगठन में शोक; प्रदेश अध्यक्ष सभी कार्यक्रम रद्द कर दिवंगत कर्मचारी की अंत्येष्टि में पहुंचे
<p><strong>खुलासा फर्स्ट, भोपाल</strong><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: "Helvetica Neue", Helvetica, Arial, sans-serif; font-style: normal; font-variant-ligatures: normal; fon
Khulasa First
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
राजनीति के शोर, रणनीतियों और सत्ता संघर्ष के बीच जब कोई संगठन अपने सबसे शांत और अनदेखे स्तंभों कर्मचारियों के साथ खड़ा दिखाई देता है, तो वह केवल राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक जीवंत परिवार के रूप में सामने आता है। भाजपा में कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि कार्यालयों को वर्षों तक अपनी निष्ठा और श्रम से जीवित रखने वाले कर्मचारी भी संगठन की आत्मा माने जाते हैं। इसी मानवीय सोच और पारिवारिक संस्कार की झलक उस समय दिखाई दी, जब भाजपा प्रदेश कार्यालय के वरिष्ठ कर्मचारी जयप्रकाश चौरसिया के निधन से पूरा संगठन शोक में डूब गया।
सूचना मिलते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बिना किसी औपचारिकता के अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त किए और स्वयं दिवंगत कर्मचारी जयप्रकाश चौरसिया की अंत्येष्टि में शामिल होने जा पहुंचे। उनके साथ प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
शोकाकुल परिजनों से भेंट कर दोनों नेताओं ने उन्हें ढांढस बंधाया और यह विश्वास दिलाया कि चार दशकों तक संगठन की सेवा करने वाले जयप्रकाश चौरसिया केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि भाजपा परिवार के सम्मानित सदस्य थे और उनका परिवार इस दुख की घड़ी में अकेला नहीं है।
80 वर्षीय जयप्रकाश चौरसिया पिछले लगभग 40 वर्षों से भाजपा प्रदेश मुख्यालय से जुड़े थे। उनके शांत स्वभाव, अनुशासन और निष्ठा को संगठन में आज भी स्नेहपूर्वक याद किया जाता है। कई पीढ़ियों के कार्यकर्ताओं के लिए वे कार्यालय की पहचान और अपनत्व का प्रतीक थे।
बता दें कि यह कोई पहला अवसर नहीं है, जब हेमंत खंडेलवाल ने संगठनात्मक संवेदनशीलता का परिचय दिया हो। इससे पूर्व वे भाजपा प्रदेश कार्यालय के दिवंगत कर्मचारी रामगोपाल अहिरवार के निवास पर स्वयं पहुंचे थे और परिवार को पांच वर्षों तक मासिक वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन स्वरूप देने, पुत्री की शिक्षा का संपूर्ण खर्च वहन करने तथा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया था।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस मौकै कहा कि स्व. जयप्रकाश चौरसिया सरल, नेकदिल और समर्पित व्यक्ति थे। वे कार्यालय के कर्मचारी नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता के अपने जैसे थे। उनके जाने से भाजपा परिवार ने अपना एक स्नेही सदस्य खो दिया है।
संबंधित समाचार
अटल व्यक्तित्व पर लगी प्रदर्शनी अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष में भाजपा कार्यालय पर आयोजन
सराफा बाजार में डकैती हथियारबंद बदमाशों ने कई दुकानों को बनाया निशाना; सदमे में व्यापारी के पिता की मौत
पाश्चात्य नववर्ष 2026 भारत और विश्व के लिए संघर्ष, सख्ती और संतुलन का वर्ष
फर्जी दस्तावेजों से काट दी गई अवैध कॉलोनियां देवस्थान और शासकीय भूमि का निजी तौर पर नामांतरण
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!