लोकेश जैन के झूठ का ‘खुलासा’ मामला छोटा बांगड़दा की गोधा सॉलिटेयर कॉलोनी का
<p><strong>खुलासा फर्स्ट, इंदौर</strong><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: "Helvetica Neue", Helvetica, Arial, sans-serif; font-style: normal; font-variant-ligatures: normal; fon
Khulasa First
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
छोटा बांगड़दा में नेशनल पब्लिक स्कूल के पास खसरा नंबर 111/2 और 111/3 पर गोधा सॉलिटेयर कॉलोनी को लेकर पास की जमीन के मालिक लोकेश जैन द्वारा फैलाए गए झूठ का खुलासा हो गया है। ये कॉलोनी उद्योगपति मनीष गोधा ने राजबाड़ा क्षेत्र के प्रख्यात सौगानी ड्रैसेस वालों के साथ मिलकर काटी है। मल्हारगंज तहसीलदार नारायण नांदेड़ा ने कहा है जमीन न सरकारी है न जैन की जमीन पर कब्जा किया गया है। न निर्माण है न कोई और गड़बड़।
पड़ोस के 18000 स्क्वेयर फीट प्लॉट के मालिक लोकेश जैन ने आरोप लगाया था उसकी जमीन पर भी गोधा ने कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया है। इस पर तहसीलदार नारायण नांदेड़ा ने जांच की तो सारी शिकायतों को झूठा पाया।
उन्होंने बताया खुद निरीक्षण किया है। न अतिक्रमण पाया गया न किसी शासकीय या निजी भू्मि पर कब्जा मिला। कोई अवैध निर्माण भी नहीं मिला जैसा लोकेश जैन ने आरोप लगाया था।
विभागों से जरूरी अनुमति प्राप्त की है
तहसीलदार ने बताया सौगानी ड्रेसेस वालों की जमीन पूरी तरह सही है। जो आरोप लगाए थे, जमीन पर एक भी सच नहीं पाए गए। ये आरोप भी सच नहीं निकला कि कॉलोनी में नक्शे के विपरित काम हो रहा है। सौगानी ड्रेसेस वाले देवेंद्र और महेश पिता इंदरमल सौगानी, तेजकुमार वेद ने बताया कोर्ट की निषेधाज्ञा के बावजूद लोकेश जैन परेशान कर रहे हैं।
वे ब्लैकमेलर हैं और कई लोगों को इसी तरह परेशान किया है। ये कृषि भूमि अगस्त 1994 में क्रय की थी और 30 वर्ष से ये उनके पास है। 2023 में मनीष गोधा ने विकास कार्य प्रारंभ किया, जिसके लिए सभी विभागों से जरूरी अनुमति प्राप्त की गई हैं।
विकास कार्य प्रारंभ होते ही भूमाफिया और लैंडब्लैकमेलर सक्रिय हो गए और 18 हजार स्क्वेयर फीट भूमि सांकेतिक पजेशन के आधार पर लोकेश जैन ने क्रय दर्शाकर अपना मायाजाल फैलाना शुरू कर दिया और सीमांकन का आवेदन लगाया।
राजस्व विभाग ने टीम गठित कर सीमांकन किया तो पाया लोकेश जैन की विवादित जमीन पास स्थित कॉलोनी श्रीजी विला के आधिपत्य में है। यह प्रमाणित होने पर लोकेश जैन ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाया और शासकीय कार्यालयों में दबाव-प्रभाव अधिकारियों पर डाला।
दो वर्ष से लोकेश जैन जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। भूमिस्वामी ने समय-समय पर इस संबंध में पुलिस और राजस्व विभाग को अवगत कराया एवं कोर्ट द्वारा अस्थायी निषेधाज्ञा भी भूमिस्वामी के पक्ष में जारी की गई। जैन जब सभी मुद्दों पर हार गया तो शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाकर झूठी शिकायतें कर परेशान का प्रयास करने लगा। इस पर भूस्वामी ने कलेक्टर, राजस्व अधिकारियों को तथ्यों की जानकारी दी। उन्होंने मामले में शीघ्र ही ठोस व उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
संबंधित समाचार
अटल व्यक्तित्व पर लगी प्रदर्शनी अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष में भाजपा कार्यालय पर आयोजन
सराफा बाजार में डकैती हथियारबंद बदमाशों ने कई दुकानों को बनाया निशाना; सदमे में व्यापारी के पिता की मौत
पाश्चात्य नववर्ष 2026 भारत और विश्व के लिए संघर्ष, सख्ती और संतुलन का वर्ष
फर्जी दस्तावेजों से काट दी गई अवैध कॉलोनियां देवस्थान और शासकीय भूमि का निजी तौर पर नामांतरण
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!