चाचा की चाल, भतीजे पर वार 300 करोड़ की जंग में ‘उत्तम’ की निकृष्ट साजिश, बिल्डर को फंसाने की पूरी पटकथा
<p><strong>तुकोगंज के चाकूबाजी केस में खुद पर शिकंजा कसता देख बौखलाया कारोबारी</strong></p><p><strong>पहले झूठा केस, फिर पुलिस से सेटिंग कर भतीजे को कराया बाउंड ओवर</strong></p><p><strong>खुलासा फर्स्
Khulasa First
संवाददाता
तुकोगंज के चाकूबाजी केस में खुद पर शिकंजा कसता देख बौखलाया कारोबारी
पहले झूठा केस, फिर पुलिस से सेटिंग कर भतीजे को कराया बाउंड ओवर
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कहते हैं खून के रिश्ते सबसे मजबूत होते हैं, लेकिन इंदौर में पैतृक संपत्ति की आग ने चाचा-भतीजे के रिश्ते को खूनी साजिश में बदल दिया है। करोड़ों की जायदाद के लालच में कारोबारी उत्तम झंवर अब अपने ही बिल्डर भतीजे श्रेयश झंवर को पुलिस और कोर्ट के चक्रव्यूह में फंसाने पर उतर आया है। तुकोगंज थाने में दर्ज चाकूबाजी के मामले में खुद को आरोपी बनता देख उत्तम झंवर बुरी तरह बौखला गया और जवाबी वार के तौर पर झूठी शिकायत, पुराने रिकॉर्ड और पुलिस से सांठगांठ का सहारा ले लिया।
उल्लेखनीय है कि करीब एक पखवाड़े पहले पंढरीनाथ पुलिस ने उत्तम पिता सूर्यनारायण झंवर की शिकायत पर बिल्डर श्रेयश झंवर निवासी मौर्या रेजिडेंसी एमजी रोड (न्यू पलासिया), उनके साथी राजेश व अशोक पर केस दर्ज किया था।
आरोप था कि श्रेयश झंवर ने उन्हें रास्ते में रोककर मारपीट की और हॉकी से हमला कर उनकी कार में तोड़फोड़ की। खुलासा फर्स्ट ने जब मामले की परतें उखाड़ी तो सामने आया कि पूरा झगड़ा उत्तम झंवर और श्रेयश व उनके पिता मधुसूदन झंवर के बीच 300 करोड़ की पैतृक संपत्ति को लेकर हैं। बिल्डर श्रेयश झंवर के अपने चाचा उत्तम झंवर से हिस्सा मांगने पर उत्तम झंवर ने पहले तो 23 जुलाई को अपने न्यू पलासिया स्थित ऑफिस पर बुलवाकर धोखे से हमला करवा दिया।
अवनेंद्र जोशी व उसके साथी किशोर सिंह, उत्तम के सीए भाई विष्णु झंवर और विजय कैथवास ने गालियां देते हुए श्रेयश पर चाकू से हमला कर किया। श्रेयश ने उक्त आरोपियों पर केस दर्ज कराते हुए उत्तम झंवर और महिला जेसमीन व अजीता पर भी आरोप लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हालांकि मामला जांच में ले लिया गया और सीसीटीवी फुटेज व आरोपियों के जब्त मोबाइल की जांच से उत्तम झंवर को मामले में आरोपी बनाए जाने के संकेत मिलने लगे।
नतीजा ये हुआ कि उत्तम झंवर ने साजिश रचते हुए श्रेयश झंवर को पंढरीनाथ थाने में आरोपी बनवा दिया। एकआध ऐसे पुराने मामले को सामने लाया गया जिसमें श्रेयश खुद फरियादी था। बताया गया कि वह आदतन विवाद करने वाला युवक है। साठगांठ का नतीजा ये हुआ कि पुलिस ने श्रेयश को दो लाख रुपए से बाउंट ओवर कर दिया।
अगली तारीख पर कोर्ट उत्तम को बना सकती है आरोपी
बिल्डर श्रेयश झंवर के अनुसार तुकोगंज थाने में दर्ज वह मामला जिसमें मुझ पर हमला हुआ था। उत्तम झंवर के आरोपी बनने और साथ ही मामले में आरोपी उसके सीए भाई विष्णु झंवर पर धाराएं बढ़ने के पूरे-पूरे संकेत मिले हैं। कोर्ट भी अगली तारीख पर उत्तम झंवर को केस में आरोपी बना सकती है।
इससे बौखलाया उत्तम झंवर मुझे पुलिस केस में उलझाकर हमारे हक की पैतृक संपत्ति को बाले-बाले ठिकाने लगाने में जुटे हैं। कोशिश है कि मैं पुलिस केस में उलझा रहूं और बाउंड ओवर होने के चलते मेरे हाथ बंधे होने का वह पूरा फायदा उठाएं। इतना ही नहीं वह मुझे बदनाम करने में जुटा है।
पूरा खेल पैसे नहीं देने की बदनियती का है। उत्तम झंवर के खिलाफ मैंने ईओडब्ल्यूू में शिकायत की थी। मामले में मुझे विभाग ने नोटिस जारी कर शिकायत संबंधी तथ्य और दस्तावेज उपलब्ध करवाने को कहा है। मैं जल्द ही सबूतों के साथ बताई गई तारीख को भोपाल जाऊंगा।
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