खबर

पत्नी को इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगा लिया माता की आराधना करने वाला ही बना घर की लक्ष्मी का दुश्मन; 2 दिसंबर 2024 को हुई थी शादी

<p><strong>खुलासा फर्स्ट, इंदौर</strong><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans-serif; font-style: normal; font-variant-ligatures: normal; fon

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 7:35 पूर्वाह्न
2 views
शेयर करें:
पत्नी को इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगा लिया: माता की आराधना करने वाला ही बना घर की लक्ष्मी का दुश्मन; 2 दिसंबर 2024 को हुई थी शादी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
जिस व्यक्ति को समाज माता का उपासक और धर्म का मार्गदर्शक मानता है, वही यदि अपने घर की लक्ष्मी का दुश्मन बन जाए तो यह केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक सवाल है। सात फेरे लेकर जिसे जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया उसी पत्नी को बोझ समझकर मानसिक और शारीरिक यातनाओं के दलदल में धकेल दिया गया।

घर की चारदीवारी में पत्नी को लगातार अपमान, तिरस्कार और प्रताड़ना झेलनी पड़ी। हालात इतने भयावह हो गए कि अंततः पीड़िता ने मौत को ही अपनी मुक्ति समझ लिया। यह घटना न केवल एक महिला की असमय मौत का मामला है, बल्कि उस दोहरे चरित्र को भी उजागर करती है, जिसमें धर्म का चोला पहनकर घर में अधर्म का खेल खेला जाता है।

मामले ने शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या केवल पूजा-पाठ और धार्मिक दिखावा किसी को निर्दोष बना देता है? या फिर ऐसे लोगों के चेहरे से नकाब उतरना अब जरूरी हो गया है। पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि धर्म के नाम पर होने वाले पाखंड और घरेलू अत्याचारों के खिलाफ अब चुप्पी तोड़ना ही होगा।

थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि राहुल यादव विजय नगर के कालिका मंदिर में पुजारी है। विजय नगर थाना क्षेत्र में नवविवाहिता तमन्ना यादव की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच ने पति की भूमिका को कठघरे में खड़ा कर दिया है। महज 21 वर्ष की तमन्ना की शादी 2 दिसंबर 2024 को पुजारी राहुल यादव से सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद पति की तानाशाही और लगातार मानसिक प्रताड़ना ने उसकी जिंदगी छीन ली।

बहन को फोन लगाकर बताई थी प्रताड़ना की बात: जांच में सामने आया कि तमन्ना अपनी मौसी की बेटी जिया की शादी में शामिल होने के लिए पिछले चार माह से तैयारियां कर रही थी। योजना के अनुसार 17 नवंबर 2025 को पहले टीकमगढ़ और फिर वहां से कोटा (राजस्थान) जाना था, लेकिन पति राहुल यादव ने अपने पिता के नाम को लेकर एकतरफा फैसला सुनाते हुए टीकमगढ़ जाने से मना कर दिया और सीधे 21 नवंबर 2025 को कोटा भेजने का दबाव बनाया।

इस फैसले का तमन्ना ने विरोध किया, जिसके बाद नवंबर की शुरुआत से ही पति-पत्नी के बीच नियमित विवाद शुरू हो गए। मायके पक्ष के अनुसार पुजारी राहुल यादव ने अपनी जिद और तानाशाही रवैये से तमन्ना को उसके सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते निभाने से रोका और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

जांच में यह भी सामने आया कि 6 मार्च 2025 को तमन्ना ने अपनी बहन नम्रता को फोन कर बताया था कि ससुराल में उसे अत्यधिक परेशान किया जा रहा है और यदि उसे कुछ दिनों के लिए मायके नहीं ले जाया गया तो वह जहर खा लेगी। इस शिकायत के बाद ससुराल पक्ष के साथ बैठक भी हुई, जिसमें तमन्ना से लिखवाया कि यदि वह कुछ करती है या कोई शिकायत करती है तो उसकी जिम्मेदारी उसी की होगी।

पति ने तानाशाही निर्णय थोपे: 14 नवंबर 2025 को तमन्ना ने घर में ही चूहा मार दवा का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर पति पुजारी राहुल यादव उसे विवेक मेमोरियल अस्पताल, देवास नाका, इंदौर लेकर पहुंचा, जहां 15 नवंबर 2025 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मायके पक्ष के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने साफ तौर पर माना कि यदि तमन्ना को उसकी इच्छा के अनुसार टीकमगढ़ जाने दिया जाता और पति द्वारा उस पर तानाशाही निर्णय नहीं थोपे जाते तो वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाती।

पुलिस जांच में दहेज की मांग के कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं, लेकिन पति द्वारा की गई मानसिक प्रताड़ना को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरणा मानते हुए आरोपी पुजारी राहुल यादव पिता कैलाश चंद्र यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 बीएनएस-2023 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में दोषी मानकर उसे जेल भेज दिया है।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!