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चांदी ने बनाया इतिहास एक दिन में 19700 की लगाई छलांग; जानिए ताजा कीमत

<p><strong>खुलासा फर्स्ट, इंदौर।</strong> <br>पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी ने निवेशकों के साथ-साथ बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। जिस उछाल को अब तक दुर्लभ माना जाता

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 7:35 पूर्वाह्न
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चांदी ने बनाया इतिहास: एक दिन में 19700 की लगाई छलांग; जानिए ताजा कीमत

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी ने निवेशकों के साथ-साथ बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। जिस उछाल को अब तक दुर्लभ माना जाता था, वह अब हकीकत बन चुका है। 

शनिवार, 27 दिसंबर को इंदौर के सर्राफा बाजार में चांदी एक ही दिन में 19700 उछलकर 2.53 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

2025 में 150% से ज्यादा महंगी हुई चांदी
MCX के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में अब तक चांदी की कीमतों में 150 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का भाव 75 डॉलर प्रति औंस के पार निकल चुका है। 

खास बात यह है कि यह तेजी किसी डर, युद्ध या सट्टेबाजी का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे मजबूत बुनियादी कारण हैं।

ये बना बड़ा कारण
चांदी लंबे समय से स्ट्रक्चरल डेफिसिट की स्थिति में है, यानी बाजार में इसकी मांग, उपलब्धता से कहीं ज्यादा है। उद्योग रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में वैश्विक स्तर पर 100 मिलियन औंस से ज्यादा की कमी रहने की आशंका है।

चूंकि चांदी मुख्य रूप से कॉपर, जिंक और लेड की खदानों से बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलती है, इसलिए इसकी सप्लाई को तेजी से बढ़ाना आसान नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय गोदामों में घटता जा रहा स्टॉक
COMEX, लंदन और शंघाई जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वॉल्ट्स में चांदी का भंडार लगातार कम हो रहा है। इन्वेंट्री घटने के साथ-साथ फिजिकल चांदी की उपलब्धता और सीमित होती जा रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

इंडस्ट्रियल डिमांड ने बढ़ाया प्रेशर
आज चांदी की 50 से 60 फीसदी मांग इंडस्ट्रियल सेक्टर से आती है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण, ग्रीन एनर्जी पर बढ़ता वैश्विक फोकस चांदी की मांग को और मजबूत कर रहा है।

चीन फैक्टर से बढ़ी बाजार की बेचैनी
बाजार में यह चर्चा तेज है कि चीन 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर सख्ती कर सकता है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस आशंका ने निवेशकों को फिजिकल सिल्वर की ओर तेजी से आकर्षित किया है।

निवेशकों के लिए आगे की रणनीति क्या हो?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में मौजूदा तेजी ठोस आधार पर टिकी हुई है। हालांकि, चांदी स्वभाव से उतार-चढ़ाव वाली धातु है, इसलिए शॉर्ट टर्म में हल्का करेक्शन देखने को मिल सकता है।

लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए तस्वीर सकारात्मक बनी हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 तक चांदी के दाम 80 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच सकते हैं।

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