खबर

विधानसभा क्षेत्र-1 को 32 बोरवेल की मिली सौगात आकाश विजयवर्गीय ने सांसद शंकर लालवानी के साथ किया बोरिंग का शुभारंभ

<p><strong>खुलासा फर्स्ट, इंदौर</strong><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans-serif; font-style: normal; font-variant-ligatures: normal; fon

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 7:35 पूर्वाह्न
2 views
शेयर करें:
विधानसभा क्षेत्र-1 को 32 बोरवेल की मिली सौगात: आकाश विजयवर्गीय ने सांसद शंकर लालवानी के साथ किया बोरिंग का शुभारंभ

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस पर विधानसभा क्षेत्र-1 के रहवासियों को अटल संकल्प के साथ स्वच्छ पेयजल की सौगात मिली। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय एवं सांसद शंकर लालवानी ने 32 बोरवेल की बोरिंग का शुभारंभ किया ।

आकाश विजयवर्गीय ने क्षेत्र के सभी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर रहे हैं। स्कूलों में एआई लैब का सेटअप लगा रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में कुछ लोग जलसंकट का सामना कर रहे हैं। हमारे प्रयास से अधिकतर स्थानों पर नर्मदा जल पहुंच रहा है लेकिन कुछ जगह जहां नर्मदा लाइन नहीं है, वहां बोरवेल से रहवासियों को आपूर्ति की जाएगी।

सांसद शंकर लालवानीजी को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारी विनती पर तुरंत जितने बोरवेल मांगे थे स्वीकृत कर दिए। कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा लोगों की समस्याओं की जानकारी लेकर शीघ्र समाधान करें। अटलजी ने भाजपा के पौधे को बनाया विशाल वटवृक्ष विजयवर्गीय ने कहा अटलजी के विचार उनके स्वर्गारोहण के बाद भी जीवित हैं। कैलाश विजयवर्गीय कहते हैं हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था प्रदेश में कभी हमारा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनेगा।

हम जब सपने भी देखते थे तो धरने-प्रदर्शन और पुलिस की लाठियों के ही देखते थे, लेकिन अटलजी के करिश्माई व्यक्तित्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता के कारण देश के बड़े हिस्से पर आज भाजपा का राज है। अटलजी कहते थे अंधेरा हटेगा, सूरज उगेगा और कमल खिलेगा। अटलजी का सौम्यता और सभी को साथ लेकर चलने की काबिलियत की वजह से प्रतिद्वंदी भी सम्मान करते थे।

सरल व्यक्तिव के धनी थे अटलजी - सांसद शंकर लालवानी
सांसद शंकर लालवानी ने कहा अटलजी ने सदैव सिद्धांतों की राजनीति की। सामान्य कार्यकर्ता से भी सहज और सरल मुलाकात करते थे। एक बार जब उन्हे रक्षाबंधन पर्व के दौरान रक्षासूत्र भेजे गए तो उन्होंने कहा था अब पूरे इंदौर का भाई बन गया हूं। एक बार जब वे इंदौर आए तो मैं एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह उनके पास खड़ा होकर फोटो खींचवाने लगा तो उन्होंने मुझे अपने पास बैठाकर फोटो खिंचवाया।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!