वीडियो देखिये, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजनाओं से बढ़ेगा मत्स्य पालन: मुख्यमंत्री बोले-किसानों की आय और रोजगार के नए अवसरों पर सरकार का जोर
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होने के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी। जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से किसानों की समृद्धि बढ़ाने, मत्स्य पालन को उद्योग से जोड़ने और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य तथा केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह के विशिष्ट आतिथ्य में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल भी उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश, निर्यात, प्रसंस्करण और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ इस क्षेत्र से जुड़े किसानों, उद्यमियों और हितग्राहियों के लिए विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
मत्स्य पालन को फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन को फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़कर मछली प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के माध्यम से एकीकृत मत्स्य उद्योग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में विकास और रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र का विस्तार होने से स्टार्टअप, उद्योगों और विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मछली उत्पादन के साथ उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और बाजार तक पहुंच बनाने जैसी गतिविधियों से भी आर्थिक अवसर विकसित हो सकते हैं।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य मत्स्य पालन को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उससे जुड़ी पूरी मूल्य शृंखला को मजबूत करना है। इससे मत्स्य पालकों को अपने उत्पादों के बेहतर विपणन और मूल्य संवर्धन के अवसर मिल सकते हैं।
जल परियोजनाओं से मत्स्य पालन को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलेगी। जल संसाधनों की उपलब्धता और जलाशयों के बेहतर उपयोग से कृषि के साथ मत्स्य पालन गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं।
उन्होंने मत्स्य संपदा को समृद्धि और विकास का माध्यम बताते हुए इस क्षेत्र में निवेश तथा रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया। प्रदेश में उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग, मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को सहायता और उद्योगों की भागीदारी इस क्षेत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास को मंजूरी
कॉन्क्लेव के दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने जलाशयों एवं अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी। इस पहल को जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में ‘मध्यप्रदेश मत्स्य निवेश एवं निर्यात मार्गदर्शिका-2026’ का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही अंतर्देशीय राज्यों की निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को भी जारी किया गया। इन दस्तावेजों के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में निवेश और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने तथा संबंधित हितधारकों को मार्गदर्शन देने का प्रयास किया गया है।
एकीकृत केज कल्चर इकाइयों का वर्चुअल उद्घाटन
कॉन्क्लेव के दौरान एकीकृत केज कल्चर इकाइयों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया। केज कल्चर जलाशयों जैसे जल निकायों में निर्धारित जालीनुमा संरचनाओं के भीतर मछली पालन की तकनीक है। उपयुक्त जलाशयों और वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ यह तकनीक मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में उपयोगी हो सकती है।
मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने, उत्पादन क्षमता का विस्तार करने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिहाज से इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड और लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम में मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त मत्स्य सहकारी समितियों, स्टार्टअप्स और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
इन पहलों का उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग से जोड़ना तथा इस क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं को मजबूत करना है।
निवेश और निर्यात बढ़ाने पर रहेगा जोर
राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 के माध्यम से मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश, आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण और निर्यात की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। राज्य में जल संसाधनों के विकास के साथ मत्स्य पालन को कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, खाद्य प्रसंस्करण और एमएसएमई क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मत्स्य पालन को किसानों की समृद्धि, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास से जोड़ने की संभावनाओं को रेखांकित किया। अब इन पहलों का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि निवेश प्रस्तावों को कितनी तेजी से धरातल पर उतारा जाता है और मत्स्य पालकों को उत्पादन, प्रसंस्करण, वित्तीय सहायता तथा बाजार तक पहुंच के कितने प्रभावी अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।
संबंधित समाचार

150 करोड़ के जमीन डील मामले में खुलासा फर्स्ट की खबर पर लगी मुहर:देवास स्थित 92 लाख के दो प्लॉट भी लोकायुक्त के रडार पर; 1 करोड़ के निवेश का ब्योरा तलब

पलासिया चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग में खुलासा:छड़ी के अंदर छिपाकर ले जा रहा था गुप्ती; रेड लाइट जंप करने पर रोका तो सामने आया मामला

माता टेकरी की 21 दानपेटियां खुली:नवरात्र में इतने श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; गिनती जारी

बदहाल सड़क पर थम गईं तीन मासूम जिंदगियां:व्यवस्था पर उठ रहे सवाल; पीथमपुर के महिंद्रा ब्रिज पर दर्दनाक हादसा

वीडियो देखिये, बिजली कंपनी का लाइन परिचालक रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया:स्थायी कनेक्शन के लिए मांगे थे इतने हजार रुपये; लोकायुक्त इंदौर की कार्रवाई

विकास के नाम पर घटिया निर्माण सड़क बनी या भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला:एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर ने नगर निगम के निर्माण कार्यों का किया खुलासा

नर्मदा-माही लिंक परियोजना:इस दिन लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी

देखिये वीडियो, यहां आया 7.0 तीव्रता का भूकंप:16 लोगों की मौत; कई घायल, 12 हजार से ज्यादा को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

स्कूटी विवाद में कर्मचारी के सिर पर फर्शी से हमला:अस्पताल में इलाज के बाद संदिग्ध हालात में मौत; मुख्य आरोपी हिरासत में

सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव की प्रदर्शनी का शुभारंभ:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तकनीकी नवाचारों का लिया जायजा

क्या अहिल्या नगरी में गहराएगा जल-संकट कम बारिश के बाद अभी से फूल रहे हाथ-पांव:नर्मदा के भरोसे सधेगा इंदौर का जल-चक्र; पर असली ताकत नागरिक अनुशासन की

रेलवे क्रॉसिंग पर भीषण हादसा:ट्रेन से टकराई पिकअप; चालक का सिर धड़ से अलग, फाटक नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जगह-जगह फूट रही नर्मदा-गंभीर परियोजना की पाइपलाइन:किसानों ने पंप हाउस पर जड़ा ताला; मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोश

शरद पूर्णिमा-करवा चौथ की छाई रंगत उत्सव का उल्लास:दीपोत्सव की खुशियों में डूबी अहिल्या नगरी; बाजार हुए गुलजार

नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई:लाखों रुपए कीमत का गांजा जब्त; तुअर की फसल के बीच हो रही थी खेती

लालबाग पैलेस में 186 पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट की रोक:नोटिस जारी कर जवाब मांगा

वीडियो देखिये, विश्व प्रसिद्ध मंदिर में मॉक ड्रिल के बाद क्या बोले अधिकारी:सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाना लक्ष्य

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:रिश्वत लेते कर्मचारी गिरफ्तार; रुपए लेते ही दबोचा
वीडियो देखिये, दिग्विजय सिंह की पदयात्रा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस:बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाने की शिकायत पर दो सप्ताह में मांगा जवाब

डेंटल कॉलेज में मरीजों की सेहत से खिलवाड़:जंग लगे औजारों से हो रहा इलाज; रोजाना आते हैं सौकड़ों मरीज
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!