खटारा बसों में दांव पर मासूमों की जान श्री बर्फानी कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन को नहीं कानून का खौफ
<p><strong>चंचल भारतीय 98936-44317 खुलासा फर्स्ट, इंदौर</strong><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: "Helvetica Neue", Helvetica, Arial, sans-serif; font-style: normal; font-varia
Khulasa First
संवाददाता
चंचल भारतीय 98936-44317 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में एक तरफ प्रशासन स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दूधिया स्थित श्री बर्फानी कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल में नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं।
स्कूल की बसें और वैन किसी चलते-फिरते कबाड़खाने से कम नहीं हैं। इनके द्वारा संचालित कुछ वाहनों पर न तो नंबर स्पष्ट हैं और इन्हें देखकर लगता है कि इनकी कभी फिटनेस जांच भी नहीं हुई है।
जब बर्फानी एकेडमी की बस देखी तो अंदर की सीटें पूरी तरह जर्जर दिखीं। फोम फटा हुआ है और लोहे के एंगल बाहर निकले हैं, जिससे मासूम बच्चों को गंभीर चोट लगने का खतरा हर वक्त बना रहता है।
इतना ही नहीं, वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि कुछ वाहनों पर रजिस्ट्रेशन नंबर तक ठीक से नहीं लिखे गए हैं, जो कि परिवहन विभाग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रशासन को खुली चुनौती, कलेक्टर की हिम्मत नहीं...
जब इस अव्यवस्था और वाहनों के फिटनेस के संबंध में स्कूल के प्राचार्य संतोष पाल से जवाब मांगा तो उनका जवाब बेहद गैर-जिम्मेदाराना भरा था। उन्होंने कहा हमारे स्कूल की बसों की जांच करने की हिम्मत कलेक्टर और आरटीओ में भी नहीं है, तो समझ जाओ हम कौन हैं।
प्राचार्य का यह बयान न केवल उनकी मनमानी दर्शाता है, बल्कि यह जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्न चिह्न खड़ा करता है।
बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रबंधन: इंदौर में पूर्व में हुए स्कूली बस हादसों के बावजूद श्री बर्फानी कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल का यह रवैया आत्मघाती है। बिना फिटनेस और कुछ बिना नंबर प्लेट के दौड़ती ये बसें कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
स्कूल प्रबंधन की इस तानाशाही और बच्चों की जान से खिलवाड़ को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
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