सेमीकंडक्टर निवेश को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा दावा: बोले- 34 लाख करोड़ के करार में से 12 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आया
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की कोशिशों के बीच शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इंदौर में सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव की शुरुआत हुई।
दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ चर्चा कर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और औद्योगिक विस्तार की योजनाओं को सामने रखा।
30 प्रतिशत निवेश धरातल पर उतरा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विभिन्न निवेश समिट और बैठकों के दौरान हुए 34 लाख करोड़ रुपए के करारों में से करीब 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर उतर चुका है।
सरकार के मुताबिक, यह राशि लगभग 12 लाख करोड़ रुपए है। कॉन्क्लेव में सरकार ने मध्यप्रदेश को उद्योगों के लिए अनुकूल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज की जा रही है और उद्योगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी निवेश के अनुकूल माहौल, प्रशासनिक व्यवस्था और कुशल मानव संसाधन को प्रदेश की ताकत बताया।
34 लाख करोड़ के करार, 12 लाख करोड़ के निवेश का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने अलग-अलग समिट और निवेश बैठकों के जरिए उद्योगपतियों के साथ बड़े पैमाने पर करार किए हैं। इनकी कुल राशि 34 लाख करोड़ रुपए बताई गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इसमें से लगभग 30 प्रतिशत निवेश यानी करीब 12 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं धरातल पर आ चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां निवेशकों को तत्काल जमीन आवंटित किए जाने का अनुभव मिला।
उन्होंने संकेत दिया कि मध्यप्रदेश में भी निवेशकों को सुविधाएं देने और परियोजनाओं को जल्द शुरू कराने के लिए इसी तरह की तत्परता जरूरी है।
हालांकि, निवेश के इन आंकड़ों का वास्तविक आकलन करने के लिए करारों की कुल राशि और वास्तव में शुरू हो चुकी परियोजनाओं के बीच अंतर समझना महत्वपूर्ण है।
निवेश प्रस्ताव, हस्ताक्षरित समझौते, आवंटित जमीन, निर्माणाधीन इकाइयां और व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर चुकी परियोजनाएं अलग-अलग चरण हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश- फाइलों में नहीं अटकेगा निवेश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कामकाज की गति को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य मुद्दों को लटकाना या भटकाना नहीं है।
उनके मुताबिक, सरकार महीनों तक चलने वाली प्रक्रियाओं के बजाय मिनटों में समस्याओं का समाधान करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में फाइलों की जगह फैसलों, समस्याओं की जगह समाधानों और संभावनाओं की जगह परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 25 से अधिक क्षेत्रों के लिए नीतियां बनाई गई हैं।
उन्होंने टेलीकॉम, फार्मा, रक्षा और ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने फरवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योगपतियों और निवेशकों को आमंत्रित किया।
मंत्री बोले- निवेश के लिए सुरक्षित राज्य बना मध्यप्रदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश के लिए बेहतर गंतव्य बन रहा है।
उन्होंने प्रदेश को निवेशकों के लिए सुरक्षित राज्य बताते हुए कहा कि कुछ लोग भीड़तंत्र के जरिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद देश आगे बढ़ रहा है और भारत में परिपक्व लोकतांत्रिक व्यवस्था है।
मुख्य सचिव ने गिनाईं निवेश की तीन प्रमुख खूबियां
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को समझाते हुए तीन प्रमुख विशेषताओं पर जोर दिया।
उनके मुताबिक, स्थानीय कार्यबल, कारोबार के लिए सरल प्रक्रियाएं और कुशल युवाओं की उपलब्धता उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
पहली- स्थानीय कर्मचारियों की उपलब्धता: मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हड़ताल नहीं होने और स्थानीय लोगों के अपने प्रदेश में काम करने की इच्छा को उद्योगों के लिए अनुकूल स्थिति के रूप में देखा जा सकता है। उनके मुताबिक, इससे कंपनियों को स्थायी कर्मचारी मिलने में मदद मिलेगी।
दूसरी- मंजूरियों की प्रक्रिया आसान: उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार केवल सिंगल विंडो सिस्टम तक सीमित नहीं रहना चाहती। औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय संबंधित विभागों से जरूरी मंजूरियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
तीसरी- कुशल प्रतिभाओं का आधार: मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ग्लोबल स्किल सेंटर जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से उद्योगों को प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारी उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश की चुनौती और अवसर
सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केवल निवेश समझौते पर्याप्त नहीं होते। इसके लिए भरोसेमंद बिजली आपूर्ति, पानी, उच्चस्तरीय तकनीकी कौशल, परिवहन व्यवस्था, आपूर्तिकर्ताओं का नेटवर्क और समय पर मंजूरियां भी जरूरी हैं।
ऐसे में कॉन्क्लेव की अहमियत इस बात से तय होगी कि चर्चाओं के बाद कितनी ठोस परियोजनाएं सामने आती हैं और वे किस समयसीमा में आगे बढ़ती हैं।
इंदौर में आयोजित इस कॉन्क्लेव के जरिए मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों के सामने अपनी औद्योगिक क्षमताओं और नीतिगत तैयारियों को रख रही है।
अब निगाहें इस पर रहेंगी कि सेमीकंडक्टर और उससे जुड़े उद्योगों में कितने निवेश प्रस्ताव ठोस परियोजनाओं में बदलते हैं।
उद्योग जगत की मौजूदगी
कॉन्क्लेव में मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित विभिन्न उद्योगपति और निवेशक मौजूद रहे। आयोजन 24 अक्टूबर तक चलेगा।
संबंधित समाचार

नशे में धुत व्यक्ति ने स्कूल वैन में की तोड़फोड़:अंदर बैठे थे बच्चे; हीरानगर थाना क्षेत्र की घटना

कार खरीदने का गणित बदला:पेट्रोल को मिल रही CNG; हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों से चुनौती, कंपनियां भी बदल रही रणनीति

खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई:व्यापारी के यहां से 375 किलो किशमिश जब्त; दीपावली से पहले जांच अभियान तेज

11 साल की बच्ची ने किया सुसाइड:फंदे पर लटका मिला शव; स्कूल नहीं जाने पर मां ने लगाई थी डांट

आबकारी विभाग से करोड़ों की ठगी:बैंक गारंटी के नाम पर थमाए फर्जी दस्तावेज; लाइसेंसधारी पर FIR

आसाराम को सीने में दर्द:पंचकर्म कराने अस्पताल नहीं पहुंचे; उज्जैन आश्रम में कर रहे आराम

फिरोज खान के ठिकानों पर लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अनेक सवाल:यह है सबसे चर्चित मामला; 'खुलासा फर्स्ट' ने किया था खुलासा, अब संभागायुक्त से तहसीलदार तक के आदेश जांच के घेरे में, लगातार हो रहे हैं चौंकाने वाले खुलासे

विवांता आधुनिक सुविधाओं और शानदार आतिथ्य का नया केंद्र:मालवा के जायके से लेकर रूफटॉप डाइनिंग तक; मेहमानों को मिलेगा खास अनुभव

अहिल्या नगरी में आरएसएस का महाकुंभ:इंदौर में संघ का महामंथन; नशे की लत, डिजिटल कंटेंट और वैश्विक चुनौतियों पर तय होगी नई दिशा

महाकाल दर्शन करने आई महिला की निजता से खिलवाड़:कर्मचारी पर चोरी-छिपे वीडियो बनाने का आरोप

प्रधान आरक्षक चालक के ठिकानों पर सर्च के बाद जांच जारी:अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति का पता चला

दिग्गज अभिनेता के घर और गायक के कॉन्सर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:मेयर को मिला ई-मेल; पुलिस-सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

परमार्थ, परहित और परोपकार की त्रिवेणी थे संदीप चौधरी:बागली विधायक मुरली भंवरा बोले- धर्म, संस्कृति और साधु-संतों की सेवा में सदैव अग्रणी रहते थे

निगरानीशुदा बदमाश ने चौकीदार को पीटा:एमजी रोड थाना क्षेत्र के आरोपी को जिलाबदर करने की तैयारी

भाजपा विधायक पर भारी पड़े थाना प्रभारी:14 टीआई इधर से उधर; एरोड्रम थाने से हटाए जाने के बाद मिला चंदन नगर जैसा बड़ा थाना

कार्बाइड गन और अवैध पटाखों पर प्रतिबंध:कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी किया आदेश; 18 दिसंबर तक लागू रहेगा आदेश

युवक-युवती के शव मिलने से फैली सनसनी:पेड़ पर फंदे से लटके मिले; एक ही परिवार के बताए जा रहे दोनों

सात दिन में तीन स्थायी वारंटियों को दबोचा:लूट का आरोपी भी गिरफ्तार

वीडियो देखिये, राष्ट्रीय एकता और नशामुक्ति का संदेश लेकर पहुंची राष्ट्रीय बाइक रैली:14 राज्यों के 146 बाइक राइडर्स शामिल; इंदौर पुलिस ने भी दिया ‘Fight Against Drugs’ का संदेश

दिन में रेकी, रात में ताले तोड़कर चोरी:पुलिस ने पकड़ी नकबजन गैंग; 5 हजार का इनामी नकबजन गिरफ्तार
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!