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क्या बागी भाजपा की ही रणनीति का हिस्सा हैं? : सत्ताधारी दल का प्लान बी

24-11-2022 : 05:03 pm ||

गांधीनगर | एजेंसी

गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के 19 नेता या तो निर्दलीय या कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं, आधिकारिक तौर पर उन्हें वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन कोई दबाव नहीं डाला गया।


सवाल उठता है कि क्या यह प्रमुख समुदायों के वोटों को विभाजित करने और पार्टी के उम्मीदवार को लाभ दिलाने या निर्वाचित होने पर उनका समर्थन लेने के लिए सत्ताधारी दल की रणनीति का हिस्सा है? त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सरकार बनाने के लिए निर्दलीय के समर्थन की जरूरत पड़ती है। वडोदरा के वरिष्ठ पत्रकार मनु चावड़ा ने दीनूभाई पटेल के मामले का हवाला देते हुए जो भाजपा उम्मीदवार चैतन्यसिंह जाला के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, कहा कि पटेल पूर्व विधायक हैं, जो पहली बार 2007 में निर्दलीय के रूप में विधानसभा के लिए चुने गए थे, उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को हराया था। 2012 में भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़े और कांग्रेस उम्मीदवार को हराया, लेकिन 2017 में हार गए, क्योंकि जाला ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा था और वोटों को विभाजित करके जीते थे। अब भाजपा ने जाला को मैदान में उतारा है।


वाघोडिया सीट पर भाजपा के छह बार के विधायक मधु श्रीवास्तव ने बगावत कर दी है और निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। चावड़ा के अनुसार, वह निश्चित रूप से भाजपा के वोटों को विभाजित करने जा रही हैं, जिसके कारण निर्दलीय उम्मीदवार धर्मेद्रसिंह वाघेला या कांग्रेस उम्मीदवार सत्यजीत सिंह गायकवाड़ को लाभ मिलने की संभावना है। यदि पटेल और श्रीवास्तव निर्वाचित हो जाते हैं और भाजपा के सदस्य कम पड़ेंगे, तो ये दोनों निश्चित रूप से भाजपा के साथ खड़े होंगे। राजनीतिक विश्लेषक जगदीश मेहता कहते हैं कि यह भाजपा का प्लान बी भी हो सकता है। उनके आकलन के अनुसार, कम से कम चार बागियों - पटेल, श्रीवास्तव, मावजी देसाई (धनेरा) और धवलसिंह जाला (बायड़) के जीतने की 50 प्रतिशत संभावना है। वे जीत जाते हैं तो ये भाजपा में फिर से शामिल हो सकते हैं या उसे समर्थन दे देंगे।


हम पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे : जेपी नड्डा

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा बुधवार को गुजरात पहुंचे। सूरत में एक जनसभा के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। नड्डा ने कहा मेधा पाटकर हमेशा विकास विरोधी रही हैं। वहीं, राहुल गांधी उनके बगल में खड़े हैं। इसका मतलब साफ है कि दोनों की गुजरात विरोधी हैं। दरअसल, मेधा पाटकर हाल ही में राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई थीं। वे नर्मदा बचाओ आंदोलन में अहम भूमिका में थीं और नर्मदा डैम परियोजना का विरोध करती आई हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने मेधा के भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने पर राहुल गांधी पर निशाना साधा था।


आम आदमी पार्टी पर भी बरसे

रैली में जेपी नड्डा ने आम आदमी पार्टी पर भी जुबानी हमला किया। नड्डा बोले, मनीष सिसोदिया को शर्म आनी चाहिए। सत्येंद्र जैन बीमारी के नाम पर एक रेपिस्ट से मसाज करवा रहे हैं। उन्हें अब तक जमानत क्यों नहीं मिली? क्या उनके पास वकील नहीं हैं? दरअसल, वे गंभीर मामले में जेल में हैं इसलिए जमानत मिलना मुश्किल हो रहा है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारी पार्टी गुजरात में इस बार रिकॉर्ड तोड़ेगी। गुजरात में हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। यही वजह है कि लोग हमें फिर से वोट देंगे।


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